
- हाउस ऑफ हिमालयाज उत्पादों की बिक्री आंकड़ा छह करोड़ के पार
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों उद्घाटन से मिली मजबूत ब्रांडिंग
- सीएम पुष्कर सिंह धामी की पहल से ग्रामीण उद्यमी लाभांवित
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होने वाले स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने की पहल अब मजबूत कारोबारी मॉडल में बदल रही है। उत्तराखंड की ग्रामीण महिलाओं के मेहनत से तैयार अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ने अपनी शुरुआत के बाद से अब तक करीब 6 करोड़ रुपए का कारोबार दर्ज कर लिया है।
हाउस ऑफ हिमालयाज का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष इसका महिला-केंद्रित आजीविका मॉडल है। 55 क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़ी करीब 5,500 प्रत्यक्ष महिला लाभार्थी इस ब्रांड की आर्थिक गतिविधियों से सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं। यानी पहाड़ में तैयार होने वाले उत्पादों को बाजार मिलने के साथ ही उसका सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं तक पहुंच रहा है।
ऑनलाइन भी उपलब्ध
अब हाउस ऑफ हिमालयाज की पहुंच केवल स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। उपभोक्ता इसके उत्पाद Amazon और Flipkart जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर खरीद सकते हैं। क्विक कॉमर्स के जरिए Blinkit, Swiggy Instamart और BigBasket पर भी हाउस ऑफ हिमालयाज के उत्पाद उपलब्ध हैं। इसके अलावा ब्रांड की अपनी D2C वेबसाइट के माध्यम से भी देशभर में सीधे खरीदारी की सुविधा दी जा रही है। इसके अलावा ब्रांड के उत्पाद Amazon Global के जरिए अमेरिका और कनाडा जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान दिलाने की महत्वपूर्ण पहल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल से ग्लोबल के विजन के अनुरूप इस ब्रांड के माध्यम से प्रदेश की मातृशक्ति, किसान और ग्रामीण उद्यमियों के उत्पादों को अंतराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड के गांवों में तैयार होने वाले उत्पादों को वैश्विक बाजार मिले और इसका सीधा लाभ हमारे महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय उत्पादकों की आर्थिकी को मिले।






