नियोजन विभाग के कार्यक्रम एसडीजी का मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ

देहरादून – मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को 27 व्यक्तियों और संस्थाओं को सतत विकास लक्ष्य के तहत आजीविका, मानव व सामाजिक विकास के क्षेत्र में नवाचार और अनूठा कार्य करने पर एसडीजी गोलकीपर अवार्ड से सम्मानित किया ।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विकास के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को सम्मिलित रूप से प्रयास करने होंगे। आत्मनिर्भर भारत-आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड को साकार करने हेतु जनसहयोग आवश्यक है। बहुत सी संस्थाएं और व्यक्ति सामाजिक, आर्थिक व पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में की जा रही बेस्ट प्रेक्टिसेज को दस्तावेज के रूप में संकलित कर राज्य स्थापना दिवस पर जारी किया जाएगा। इन बेस्ट प्रेक्टिसेज को राज्य सरकार के स्तर पर भी क्रियान्वयित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन बनाते हुए काम करना है। पर्यावरण और विकास दोनों ही जरूरी हैं। पिछले वर्षों में राज्य में सतत विकास लक्ष्य में बेहतर काम किया गया है। एसडीजी इंडेक्स रैंकिंग में उत्तराखण्ड दसवें से चौथे स्थान पर आ गया है।

सीपीपीजीजी के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मनोज कुमार पंत ने बताया कि सतत विकास लक्ष्यों का महत्वाकांक्षी एजेंडा है, जिसमें वर्ष 2030 तक गरीबी एवं कुपोषण समाप्त करते हुए स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरणीय क्षेत्रों में विशेष कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इन प्रमुख लक्ष्यों को निर्धारित समय में प्राप्त करने के लिए अधिक से अधिक सामाजिक क्षेत्र की सहभागिता भी जरूरी है।राज्य में तमाम स्वयंसेवी संस्थाएं, व्यक्ति, गैरसरकारी संगठन, नागरिक, शोध एवं अकादमिक संस्थाएं अपने-अपने क्षेत्रों में काम कर रही हैं, जो सतत विकास लक्ष्यों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं या योगदान दे सकती हैं। साथ ही समाज में दूसरी संस्थाओं और व्यक्तियों को प्रेरित कर सकती हैंlइस अवसर पर उत्तराखण्ड एसडीजी इन्डेक्स कम्पेडियम और एक विशेष सर्वेक्षण रिपोर्ट भी जारी की गई। कार्यक्रम में सचिव नियोजन डॉ. रणजीत सिन्हा, यूएनडीपी के नीति विशेषज्ञ जयमॉन उत्थुप सहित नियोजन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।

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