मसूरी से नैनीताल तक फिल्म निर्माताओं की पसंद बना उत्तराखंड, बड़े प्रोजेक्ट्स से बढ़ेगी पर्यटन की उम्मीद

सीएम धामी बोले—उत्तराखंड को प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना सरकार की प्राथमिकता; फिल्म नीति के तहत अनुमतियां आसान बनाने पर जोर

देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और मनोरम पर्वतीय वादियां अब फिल्म निर्माताओं को भी आकर्षित कर रही हैं। मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से प्रदेश की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। अभिनेता अक्षय कुमार मसूरी और लैंढौर क्षेत्र में, जबकि अभिनेत्री जाह्नवी कपूर नैनीताल में शूटिंग कर रही हैं। फिल्म यूनिटों की मौजूदगी से पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावनाएं भी जताई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध भौगोलिक परिस्थितियों के कारण फिल्म निर्माण के लिए उपयुक्त स्थान है। राज्य सरकार उत्तराखंड को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग स्थलों में स्थापित करने के लिए प्रयास कर रही है। इसके तहत फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर देने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। 

फिल्म शूटिंग से रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि फिल्मों की शूटिंग से प्रदेश के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान मिलती है। इसके साथ ही स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों, होटल संचालकों, परिवहन कारोबारियों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। सरकार फिल्म पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

फिल्म नीति-2024 के तहत सुविधाएं देने पर जोर

राज्य सरकार उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 के माध्यम से प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। शूटिंग से जुड़ी अनुमतियों को सरल और समयबद्ध बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस व्यवस्था पर जोर दिया जा रहा है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति देने की व्यवस्था का उद्देश्य फिल्म निर्माताओं को विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की परेशानी से राहत देना है।

सरकार का प्रयास है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को भी अधिक अवसर मिलें। फिल्म यूनिटों के आने से होटल, परिवहन, खान-पान और स्थानीय सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी लाभ मिलने की संभावना है।

मसूरी, लैंढौर और नैनीताल को मिल सकती है नई पहचान

उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर फिल्मों की शूटिंग होने से इन क्षेत्रों की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताएं देशभर के दर्शकों तक पहुंच सकती हैं। मसूरी, लैंढौर और नैनीताल जैसे स्थानों को बड़े पर्दे पर देखने के बाद पर्यटकों की रुचि बढ़ने की उम्मीद है। इससे स्थानीय पर्यटन कारोबार को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।

उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद भी राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को फिल्मों के माध्यम से व्यापक पहचान दिलाने के लिए फिल्म निर्माताओं को सहयोग और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।

बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग से उत्तराखंड को फिल्म निर्माण और फिल्म पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। हालांकि, इसका वास्तविक आर्थिक लाभ स्थानीय स्तर पर कितना पहुंचेगा, यह शूटिंग गतिविधियों, स्थानीय लोगों की भागीदारी और पर्यटन में होने वाली वृद्धि पर निर्भर करेगा।

,

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *