
धामी सरकार का पर्वतीय क्षेत्रों पर फोकस, अनुपूरक बजट में 4,164 करोड़ रुपये से अधिक पूंजीगत विकास के लिए प्रस्तावित; स्थानीय निकायों को भी मिलेंगे अतिरिक्त संसाधन
देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में मंगलवार से विधानसभा सत्र शुरू हो गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में इस वर्ष दूसरी बार यहां विधानसभा सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसी के साथ गैरसैंण में पहली बार एक ही वर्ष में दो विधानसभा सत्र आयोजित होने का नया अध्याय जुड़ गया है। इससे पहले मार्च 2026 में यहां बजट सत्र आयोजित किया गया था। इस सत्र में राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट भी प्रस्तावित किया है, जिसमें बुनियादी ढांचे, जनसुविधाओं और विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त संसाधनों का प्रावधान किया गया है।
गैरसैंण में विधायी गतिविधियों को मिला विस्तार
गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने की शुरुआत वर्ष 2014 में हुई थी। इसके बाद यहां अलग-अलग वर्षों में विधानसभा की कार्यवाही संचालित होती रही, लेकिन कुछ वर्षों में कोई सत्र नहीं हुआ और कुछ में एक ही सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2014 में यहां पहला तीन दिवसीय सत्र हुआ था। वर्ष 2015 और 2016 में दो-दो दिन तथा 2017 में दो दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2018 में विधानसभा की कार्यवाही छह दिन तक चली, जबकि 2019 में यहां कोई सत्र नहीं हुआ।
वर्ष 2020 में पांच दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2021 में एक से छह मार्च तक भराड़ीसैंण में छह दिवसीय बजट सत्र चला। वर्ष 2022 में यहां सत्र नहीं हुआ। इसके बाद 2023 में चार दिन और 2024 में तीन दिवसीय सत्र आयोजित किया गया। वर्ष 2025 में गैरसैंण में बजट और मानसून सत्र आयोजित हुए। वहीं, वर्ष 2026 में मार्च के बजट सत्र के बाद अक्टूबर में दूसरी बार विधानसभा की कार्यवाही हो रही है।

पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं और विकास पर जोर
गैरसैंण में विधानसभा सत्रों का आयोजन राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी के रूप में इसकी भूमिका को विस्तार देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भराड़ीसैंण में सत्र आयोजित होने से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, स्थानीय जरूरतों, जनअपेक्षाओं और विकास से जुड़े मुद्दों को सदन में उठाने का अवसर मिलता है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। सरकार का प्रयास है कि ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्रों के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं, जनअपेक्षाओं और विकास से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिले। उन्होंने कहा कि गैरसैंण की भूमिका को सशक्त बनाना और पर्वतीय क्षेत्रों के संतुलित विकास को गति देना सरकार की प्रतिबद्धता है।
7,844 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तावित
विधानसभा सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 7,844.18 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट प्रस्तावित किया गया है। इसमें 4,164.32 करोड़ रुपये पूंजीगत मद और 3,679.86 करोड़ रुपये राजस्व मद में रखे गए हैं। इस तरह अनुपूरक बजट की आधे से अधिक राशि पूंजीगत मद में प्रस्तावित है।
राज्य के मूल बजट का आकार 1,11,703.21 करोड़ रुपये है। अनुपूरक बजट जुड़ने के बाद कुल बजट का आकार 1,19,547.39 करोड़ रुपये हो जाएगा। प्रस्तावित अतिरिक्त बजट में सड़क, पेयजल, ऊर्जा, शहरी विकास और स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है।
स्थानीय निकायों के लिए 721 करोड़ रुपये का प्रावधान
अनुपूरक बजट का एक अहम प्रावधान ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों से जुड़ा है। छठे राज्य वित्त आयोग की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए स्थानीय निकायों के लिए राज्य के कर राजस्व में हिस्सेदारी 10.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है। इसके लिए 721 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों को स्थानीय विकास कार्यों तथा जनसुविधाओं के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
सड़क, ऊर्जा और शहरी विकास के लिए अतिरिक्त धनराशि
बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत 500 करोड़ रुपये का पूंजीगत प्रावधान किया गया है। ऊर्जा क्षेत्र में खुरपिया फार्म परियोजना सहित पारेषण और वितरण व्यवस्थाओं के लिए विभिन्न मदों में लगभग 270 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
शहरी विकास विभाग की एशियाई विकास बैंक से वित्तपोषित योजनाओं के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये और पुलिस विभाग के आवासीय एवं अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए करीब 55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। न्यायिक अवसंरचना सुविधाओं के लिए लगभग 22 करोड़ रुपये तथा पंचायत भवनों के निर्माण के लिए पांच करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़कों के अनुरक्षण सहित लोक निर्माण विभाग के लिए 31 करोड़ रुपये और ग्राम्य विकास विभाग के लिए 30 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकास योजनाओं को अतिरिक्त वित्तीय सहायता देने की तैयारी
अनुपूरक बजट में किए गए प्रावधानों का उद्देश्य प्रदेश में पहले से संचालित विकास योजनाओं को अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार करना है। गैरसैंण में एक ही वर्ष में दो विधानसभा सत्रों का आयोजन और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट का प्रस्ताव राज्य की विधायी गतिविधियों तथा वित्तीय प्राथमिकताओं के लिहाज से महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।






