टिहरी में रिश्तों को शर्मसार करने वाला अपराध, 14 वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म

उत्तराखंड के टिहरी जिले के घनसाली क्षेत्र से एक गंभीर आपराधिक मामला सामने आया है। यहां 14 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके ही चाचा द्वारा दुष्कर्म किए जाने का आरोप है। घटना 16 फरवरी की शाम की बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे न्यायालय के आदेश पर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

बिजली गुल होना बना वजह, हुआ भरोसे का कत्ल

पीड़िता के परिवार के अनुसार, गांव में 16 फरवरी की शाम बार-बार बिजली जा रही थी। घर में मौजूद टॉर्च में चार्ज कम था, जिससे घर में रोशनी की समस्या बनी हुई थी। पीड़िता के घर से कुछ ही दूरी पर उसके चाचा का घर स्थित था, जहां बिजली मौजूद थी।

परिवार और आरोपी के बीच पारिवारिक संबंध और आपसी विश्वास था। दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना सामान्य था। इसी भरोसे के आधार पर परिजनों ने नाबालिग को टॉर्च चार्ज कराने के लिए चाचा के घर भेज दिया।

कमरे में अलग भेजकर की वारदात
पीड़िता के बयान के अनुसार, जब वह चाचा के घर पहुंची, तब वहां घर के अन्य सदस्य मौजूद थे, लेकिन सभी अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। इसी दौरान आरोपी ने उसे घर के बाकी लोगों से अलग एक कमरे में टॉर्च चार्ज करने के लिए भेज दिया। लड़की जैसे ही कमरे में पहुंची, आरोपी भी वहां आ गया। आरोप है कि आरोपी ने मौके का फायदा उठाकर उसके साथ दुष्कर्म किया।

घर लौटकर पीड़िता ने खोला राज
घटना के बाद पीड़िता सीधे अपने घर लौटी और रोते हुए पूरी बात अपनी मां को बताई। इसके बाद परिवार को घटना की जानकारी हुई और पिता को भी सूचना दी गई। परिजनों ने तत्काल पुलिस से संपर्क करने का निर्णय लिया।

पीड़िता स्वयं पहुंची पुलिस के पास
पीड़िता स्वयं लाटा चमियाला चौकी पहुंची, जहां उसकी शिकायत दर्ज की गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्राथमिकी (FIR) दर्ज की।

किया गया मेडिकल

शिकायत दर्ज किए जाने के बाद पुलिस ने पीड़िता को तत्काल मेडिकल सहायता के लिए अस्पताल भेजा। प्राथमिक उपचार के बाद उसे विस्तृत मेडिकल जांच के लिए नई टिहरी जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां मेडिकल परीक्षण और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं।

गिरफ्तारी और न्यायिक प्रक्रिया

पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65(1)

POCSO एक्ट की धारा 3/4 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

पुलिस का पक्ष, होगी सख्त सजा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला अत्यंत गंभीर प्रकृति का है। पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना की जा रही है। सभी कानूनी प्रक्रियाएं POCSO एक्ट के प्रावधानों के तहत की जा रही हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ की जा रही है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके और आरोपी के खिलाफ मजबूत केस तैयार किया जा सके।

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