बाबा मदमहेश्वर धाम के कपाट खुलने की प्रक्रिया शुरू, ऊखीमठ में भक्तिमय माहौल

रुद्रप्रयाग:

पंचकेदारों में द्वितीय केदार के रूप में पूजित भगवान मदमहेश्वर धाम के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खोलने की पावन प्रक्रिया रविवार से विधिवत शुरू हो रही है। कपाटोद्घाटन को लेकर मदमहेश्वर घाटी और ऊखीमठ क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में रंग चुका है। गांव-गांव में श्रद्धालुओं के बीच उत्साह, आस्था और आध्यात्मिक उमंग देखने को मिल रही है।

भगवान मदमहेश्वर के शीतकालीन गद्दी स्थल ओंकारेश्वर मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच चल विग्रह उत्सव मूर्तियों को गर्भगृह से निकालकर सभा मंडप में विराजमान कराया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालु भगवान को नए अनाज का भोग अर्पित करेंगे, जिसे समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है।

मंदिर समिति के अनुसार 19 मई को भगवान मदमहेश्वर की चल विग्रह उत्सव डोली पारंपरिक रीति-रिवाजों, ढोल-दमाऊं और स्थानीय वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों के साथ धाम के लिए रवाना होगी। डोली यात्रा के दौरान राकेश्वरी देवी, गौंडार और बंतोली समेत विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालु पुष्पवर्षा, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ भव्य स्वागत करेंगे। महिला मंगल दल, युवक मंगल दल और ग्रामीणों की ओर से जगह-जगह धार्मिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

ओंकारेश्वर मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट ने बताया कि कपाटोद्घाटन को लेकर मंदिर समिति, हक-हकूकधारियों और प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने बताया कि 21 मई को शुभ मुहूर्त में वैदिक परंपराओं और विधि-विधान के साथ बाबा मदमहेश्वर धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

कपाट खुलने के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के धाम पहुंचने की संभावना है। वहीं यात्रा सीजन को लेकर स्थानीय व्यापारियों, होटल व्यवसायियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। पूरे ऊखीमठ और मदमहेश्वर घाटी क्षेत्र में इन दिनों बाबा मदमहेश्वर के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।

,

About The lifeline Today

View all posts by The lifeline Today →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *