फिर निर्मल होगी यमुना ‘नमामि गंगे परियोजना’ के तहत

‘नमामि गंगे परियोजना’ जिसके तहत राष्ट्रीय नदी गंगा की निर्मलता के लिए कार्य चल रहा है, अब इसी परियोजना के तहत गंगा नदी की सबसे बड़ी सहायक नदी यमुना भी स्वच्छ एवं निर्मल होगी। केंद्र सरकार ने देश की जिन 13 नदियों के पुनरुद्धार का फैसला लिया है उनमें से एक यमुना भी है। इसके लिए उत्तराखंड सरकार यमुना नदी के लिए कार्ययोजना तैयार करने में भी जुट गई है। इसके तहत सीवर और गंदे नालों को यमुना नदी में समाने से रोकने के लिए कदम उठाये जायेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि यमुना पर दो बाँध बनाये जा सकते हैं जिनसे अन्य राज्यों में इस नदी की सफाई के लिए पानी छोड़ा जायेगा।

गंगा की तरह यमुना नदी का उद्गम स्थल उत्तराखंड हिमालय में है। उत्तरकाशी जिले के यमुनोत्री ग्लेशियर से निकलकर यमुना अनेक छोटी-छोटी नदियों में खुद को समेटकर देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र तक सफर तय करती है। राज्य में यमुना नदी से लगे शहरों, गावों और कूड़ा-कचरा को इस नदी में समाता देख अब राज्य सरकार इसके लिए कार्ययोजना बनाने जा रही है।

इसके लिए फोकस किया जायेगा कि सीवर या गंदे नालों की गंदगी यमुना नदी में न जा पायें । इसके साथ ही कूड़ा-कचरा प्रबंधन के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे और इसकी कार्ययोजना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा। साथ ही सरकार अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही है जिससे यमुना भी गंगा की तरह निर्मल हो सके।

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