केंद्रीय गृह मंत्रायलय ने सभी राज्यों को देशबंदी के दौरान दिए सख्त दिशा-निर्देश

नई दिल्ली– केंद्रीय गृह मंत्रायलय ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं  कि कोरोना वायरस के कारण देश में लगे 21 दिन के लॉकडाउन के दौरान वो 24 घंटों के लिए कंट्रोल रुम बनाए। जिससे जरूरी वस्तुएं आम जनता तक आसानी से पहुंचाया जा सके और इस बात का ध्यान रखा जाए की जरूरत की चीजों की उपल्बधता बनी रहे। साथ  गृह मंत्रायलय ने 24 घंटो के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी करने को कहा है।

मंत्रालय द्वारा जारी किए गए दिशा-निर्देशों में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस प्रमुखों से कहा गया है कि वो यह सुनिश्चित करें कि उनके राज्य में पूरी तरह से लॉकडाउन के नियमों का पालन हो। साथ ही ये भी कहा है कि इस बात का भी ध्यान रखा जाए कि परिवहन, वितरण, भंडारण, में कोई समस्या नहीं आए। इसके लिए जिला के स्तर पर भी नोडल ऑफिसर की तैनात करने के लिए कहा गया है।

मंत्रालय के दिशा-निर्देश में कहा गया है कि ‘मानक संचालन प्रोटोकॉल’ (एसओपी) ‘आवश्यक सेवाओं/प्रतिष्ठानों और वस्तुओं के बेहतरी से संचालन सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसमें अंतर-राज्य की सीमाओं पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, वाहनों के पास या ई-पास आदि से संबंधित मुद्दे भी शामिल हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ संयुक्त ब्रिफिंग में ज्वाइंट सचिव पुण्य सलिला श्रिवास्तव ने कहा कि सरकार ई कॉमर्स के द्वारा यह सुनिश्चित कर रही है कि लोगों तक सामान आसानी से पहुंच सके।

 

वहीँ मंगलवार को  गृह  मंत्रालय ने 21 दिन की संपूर्ण देशबंदी के दौरान सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू कर दिया है। जिसका उल्लंघन करने वाले को दो साल तक की सजा मिल सकती है।

 

गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 51 से 60 और आईपीसी की धारा 188 को लागू करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन धाराओं के तहत उलंलंघन करने वालों पर जुर्माना और दो साल तक जेल की सजा दी जा सकती है।

 

मंगलावर को प्रधानमंत्री ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था कि सामाजिक दूरी के जरिए ही इस बीमारी से निपटा जा सकता है, क्योंकि यह काफी तेजी से फैल रही है।

 

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