उत्तराखंड सरकार के तीन साल पूरे होने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन वर्ष में लिए गए कई बड़े फैसले

देहरादून- बुधवार को मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने के अवसर पर सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की विकास के तीन साल बातें कम, काम ज्यादा विषय पर आधारित विकास पुस्तिका के विमोचन अवसर पर  कहा कि अगले दो साल में प्रदेश सरकार हर स्कूल में फर्नीचर और हर डिग्री कालेज को उसका अपना भवन उपलब्ध कराएगी। हरिद्वार, पिथौरागढ़ और ऊधमसिंह नगर में मेडिकल कालेजों का निर्माण होगा ताकि जिला स्तर पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य की उच्च स्तरीय सेवाएं प्रदान की जा सकें। यूएसनगर के लिए केंद्र सरकार ने 350 करोड़ रुपये मंजूर भी कर दिए हैं।

सीएम ने कहा कि सरकार ने जो विकास के जो कार्य शुरू किए गए हैं, अगले दो साल में उन्हें पूरा करने को ही चुनौती मानते हैं। हम अपने विकास के एजेंडे पर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने घोषणा की कि 2022 तक उनकी सरकार सभी डिग्री कॉलेजों, आंगनबाड़ी केंद्रों को भवन और स्कूलों में फ र्नीचर उपलब्ध करवाएगी। सड़कों को जोड़ने के लिए 300 पुलों की आवश्यकता थी। 215 पुल बना दिए गए हैं। 2022 सभी पुलों का निर्माण कर सड़कें खोल दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि कुछ जिलों में बालिका अनुपात की स्थिति गंभीर थी। तीन सालों में काफी सुधार आया है। सरकार इस पर और ध्यान देगी। पर्यटन, साहसिक पर्यटन और ग्रीन एनर्जी का क्षेत्र सरकार के एजेंडे में शामिल है, जिस पर अगले दो साल में सरकार काम करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल में डबल इंजन सरकार ने उत्तराखंड के लिए करीब 95 हजार करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट मंजूर कराए। इससे राज्य के विकास में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि तीन साल के शासन में चौथे तल और मुख्यमंत्री आवास को माफिया से मुक्त कराया गया। जनता से सुशासन और भ्रष्टाचारमुक्त शासन का वादा पूरा किया गया। कड़े कदम उठाकर भ्रष्टाचार पर तीखा प्रहार किया। पहली बार पदावनत करने जैसे फैसले लिए गए। साबितकिया कि सरकार ईमानदारी से भी चल सकती है।

सीएम ने कहा कि तीन वर्ष में कई बड़े फैसले लिए। इनमें गैरसैंण को ग्रीष्मकालीन राजधानी की घोषणा और चारधाम देवस्थानम बोर्ड का गठन सबसे पहले अटल आयुष्मान योजना शुरू की। इसमें प्रदेश के सभी लोगों को शामिल किया। रैफर की शर्त को हटाया गया। प्रदेश में पहली बार इन्वेस्टर्स समिट की गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इनवेस्टर समिट के दौरान एक लाख 24 करोड़ के एमओयू हुए। 21 हजार करोड़ का निवेश जमीन पर आ चुका है। इस सेक्टर से करीब 56 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार ने नई भर्तियां भी खोली हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकायुक्त विधानसभा की संपत्ति है। उनकी सरकार ने तीन साल में साबित किया कि बिना लोकायुक्त ईमानदारी से सरकार चलाई जा सकती है। उन्होंने विस के पहले सत्र में ही कहा था कि ऐसी सरकार चलाएंगे कि लोकायुक्त की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों को सिलसिलेवार सामने रखा। उन्होंने जनता का आभार जताया और जनाकांक्षाओं पर पूरी तरह से खरा उतरने की बात कही। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान, देहरादून मेयर सुनील उनियाल गामा, विधायक हरबंस कपूर, गणेश जोशी, मुन्ना सिंह चौहान, खजानदास, महानिदेशक सूचना डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट सहित अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

 

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