तृतीय केदार (तुंगनाथ मंदिर) धाम के कपाट खुले, प्रथम रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री के नाम से किया गया।

रुद्रप्रयाग। तृतीय केदार तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए विधि-विधान से खोल दिए गए हैं। बाबा तुंगनाथ मंदिर में भगवान तुंगनाथ का प्रथम रुद्राभिषेक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न कराया गया। इससे पहले तुंगनाथ की डोली सुबह नौ बजे चोपता से तुंगनाथ पहुंची, जिसके बाद उत्सव डोली को मंदिर परिसर में विराजमान किया गया। उत्सव डोली 18 मई को शीतकालीन गद्दी स्थल मक्कूमठ से रवाना हुई थी।

समुद्र तल से 11349 फीट ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदारनाथ तुंगनाथ के कपाट सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर पूरे विधि-विधान के साथ खोल दिए गए। इस अवसर पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया गया। सभी मास्क पहने नजर आए। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड, हक हकूकधारी और प्रशासन के चुनिंदा प्रतिनिधि इस अवसर पर मौजूद रहे।

कपाट खुलने के बाद बाबा की समाधि पूजा, रूद्राभिषेक और जलाभिषेक किया गया। साथ ही जन कल्याण की कामना की गी‌। इस अवसर पर देवस्थानम बोर्ड के सुपरवाइजर यदुवीर पुष्पवान, तहसीलदार जयबीर राम बधाणी, मठाधिपति राम प्रसाद मैठाणी औक प्रबंधक प्रकाश पुरोहित मौजूद रहे।

तुंगनाथ के कपाट खुलने के बाद अब उत्तराखंड के चार धामों सहित पंच बदरी और पंच केदार के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए खुल चुके हैं। दिए गए हैं। कोरोना महामारी से बचाव के लिए अभी चारधाम यात्रा शुरू नहीं की गई है। प्रदेश के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि महामारी खत्म होने के बाद जल्द ही चारधाम यात्रा शुरू होने की उम्मीद है।

उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड के मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि उत्तराखंड के चार धामों में गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के कपाट 26 अप्रैल, केदारनाथ धाम के कपाट 29 और बदरीनाथ धाम के कपाट 15 मई को खोल दिए गए हैं।

द्वितीय केदार मद्महेश्वर के कपाट 11 मई और चतुर्थ केदार रुद्रनाथ के कपाट 18 मई को खुले। इसके साथ ही उत्तराखंड के सभी मठ-मंदिरों के कपाट खुल चुके हैं। सभी जगह शारीरिक दूरी का ध्यान देते हुए रावल और पुजारी पूजा-अर्चना की।

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