सोलर प्लांट के जरिये रौशन होंगे प्रदेश के 300 से अधिक स्कूल

देहरादून- उत्तराखंड में अभी भी कही गांव ऐसे हैं जहां अभी तक बिजली नहीं पहुंची है। जिस कारण यहाँ के विद्यालों में बिजली के कनेक्शन नहीं है। इसी को देखते हुए पूर्व में राज्य के 400 से अधिक स्कूलों का चयन सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए किया गया था, जिसमे से करीब 90 से अधिक स्कूलों में अब बिजली कनेक्शन लगाया जा चुका है। जिसके बाद अब सोलर प्लांट वाले स्कूलों की संख्या चार सौ से कम हो गई है।

सोलर प्लांट स्थापित होने के बाद राज्य के दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 300 से अधिक सरकारी स्कूलों का अंधियारा सौर ऊर्जा से दूर होगा। इन स्कूलों में सोलर प्लांट स्थापित किए जाएंगे। जिनकी क्षमता दो से पांच किलोवाट तक होगी। बिजली विहीन स्कूलों के प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को सोलर प्लांट के उपकरणों की खरीदारी के लिए भारत सरकार के गवर्नमेंट ई-मार्केटिंग (जैम) पोर्टल का प्रयोग करना होगा। इसके लिए उन्हें पोर्टल पर आइडी व पासवर्ड बनाने के लिए कहा गया है।

जानकारी के अनुसार एक सोलर प्लांट लगाने के लिए एक लाख या इससे अधिक खर्च का अनुमान है। यह सब सोलर प्लांट पर निर्भर रहेगा कि वह ऑफ ग्रिड होगा या ऑन गिड। डॉ. मुकुल कुमार सती, अपर राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा उत्तराखंड ने बताया कि करीब 300 से अधिक स्कूलों का चयन सोलर प्लांट लगाने के लिए किया गया है। खरीदारी से संबंधित सारे कार्य जैम पोर्टल से होने हैं। इस संबंध में पूर्व में प्रधानाचार्यों व प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया जा चुका है।

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