सेना में महिलाओं के स्थायी कमीशन का रास्ता हुआ साफ

नई दिल्ली– सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला देते हुए महिलाओं को सेना में स्थायी कमीशन की मांग को सही ठहराया। प्रदेश के शीर्ष पदों में आसीन महिला अधिकारियों ने इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होने कहा कि महिलाएं उच्च शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, इसरो, खेलकूद, अभिनय, पर्वतारोहण जैसे कई क्षेत्रों में कीर्तिमान स्थापित कर चुकी हैं अब सेना में उन्हें अपना हुनर दिखाने का मौका मिलेगा। भारतीय सेना में महिलाओं को स्थायी कमीशन मिलने के बाद अब देश की आधी आबादी यानि महिलाएं सेना के शीर्ष पदों पर पहुंच सकेंगी और पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर सीमाओं में सजग प्रहरी बनेंगी।

स्थायी कमीशन के लिए सबसे पहले देहरादून निवासी रिटायर विंग कमांडर अनुपमा जोशी ने आवाज उठाई थी। भले ही रिटायर होने पर उन्हें इसका फायदा नहीं मिला लेकिन, उनकी यह पहल अन्य महिलाओं के लिए काम आई। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया। जबकि, पूर्व सैन्य अधिकारियों ने कहा कि शुरूआत में भले ही कुछ दिक्कत आएगी लेकिन, कुछ साल बाद सब ठीक हो जाएगा।

 

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