विपक्षी पार्टियों ने देश को बनाया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी

विगत वर्षों से जिन राज्यों में गैर बीजेपी सरकारें हैं इनके द्वारा देश को प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड कंपनी समझकर चलाने का बीड़ा अपना रखा है। यह जहां अनुशासनहीनता है वहीं गैरकानूनी भी है।

इस संबंध में अनावश्यक मसले हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट में पेश होते हैं। इससे जहां न्यायालयों का काम बढ़ रहा है वहीं, अनावश्यक देश को अनिश्चितता की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

ज्ञात हो कि इसी सप्ताह सीएबी-2019 संशोधन बिल ने लोकसभा एवं राज्यसभा में पारित होने के तुरंत पश्चात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के पश्चात कानून का रूप ले लिया। इसके तुरंत बाद पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ऐलान कर दिया कि वह इस कानून को बंगाल में लागू नहीं करेंगे।

इतना ही नहीं अब मध्य प्रदेश सरकार जो कि कांग्रेस द्वारा शासित है के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी ऐसा ही ऐलान कर दिया। अब इसी क्रम में अनेक गैर भाजपा शासित राज्य लाइन में है। यह अराजकता का खुला घोतक है।

यह देश के लिए भी चिंता का विषय भी है। यह तो ऐसा हो गया कि ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’। इसी संदर्भ में कानून मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि केंद्रीय कानून सभी राज्यों पर समान रूप से लागू किया जाना आवश्यक है। अब देखना है कि प्रकरण कहां पहुंचता है।

About The Lifeline Today

View all posts by The Lifeline Today →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *