प्रदेश में समन्वय के लिए बनाए गए नोडल अधिकारी

देहरादून उत्तराखंड में लॉकडाउन के चलते श्रमिकों और दैनिक वेतन भोगी मजदूरों के सामने आजीविका की समस्या पैदा हो गई है। सरकार की ओर से इन लोगों को भोजन और अन्य जरूरी चीजें उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बावजूद प्रभावितों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। प्रदेश सरकार का कहना है कि ऐसे में सिविल सोसायटी, गैर सरकारी संगठनों एवं लोगों के सहयोग के बिना राहत कार्य सुचारु रखना संभव नहीं है। गैर सरकारी संगठनों को और सक्षम लोगों को सहयोग के लिए आगे आना चाहिए।

सरकार की ओर से समन्वय के लिए सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव आरके सुधांशु को राज्य नोडल अधिकारी एवं हर जिले में जिला नोडल अधिकारी बनाए हैं।

सूचना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव आरके सुधांशु की ओर से जारी आदेश में सभी सिविल सोसायटी, गैर सरकारी संगठनों, संस्थाओं एवं व्यक्तियों से अपील की गई है कि सरकार की ओर से चलाए जा रहे राहत कार्यों में अधिक से अधिक योगदान दें।

सूचना सचिव ने कहा कि गैर सरकारी संगठनों एवं लोगों की ओर से खाद्य सामग्री, सैनिटाइजर, मास्क, साबुन, दैनिक उपयोग की वस्तुएं, शिविर के लिए भवन, व्यक्तिगत सेवा आदि के जरिए योगदान किया जा सकता है। इसके लिए हर जिले में नोडल अधिकारी बनाए गए हैं।

उत्तरकाशी में एडीएम तीरथ पाल, चंपावत में एडीएम त्रिलोक सिंह, अल्मोड़ा में डीपीएम कैलाश चंद भट्ट, पिथौरागढ़ में मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी, नैनीताल में डीपीओ व्योमा जैन, रुद्रप्रयाग में एपीडी रमेश चंद, देहरादून में डिप्टी रजिस्ट्रार संजीव सिंह, हरिद्वार में उप जिलाधिकारी कुंभ हरवीर सिंह, टिहरी में अभिषेक रोहेला, पौड़ी में टीओ प्रवीण बड़ोनी, बागेश्वर में प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेंद्र पांडे, ऊधमसिंहनगर नगर में सीटीओ बीपी कांडपाल एवं चमोली जिले में एडीएम मोहन सिंह बर्निया को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

सूचना सचिव ने कहा कि सहयोग के लिए इच्छुक स्वयंसेवी संगठनों के सहयोग के लिए एक वेब पेज भी बनाया गया है, जिसमें किसी भी प्रकार के सहयोग एवं सेवा देने के लिए डिटेल दे सकते हैं।

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