श्री गुरविंदर सिंह एवं श्री अशोक कुमार नवरत्न जी ने अध्यक्ष भारतीय प्रेस परिषद को आपत्ती एवं सुझाव पत्र लिखा

श्री गुरविंदर सिंह राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री अशोक कुमार नवरत्न जी (सदस्य भारतीय प्रेस परिषद) ने न्यायमूर्ति श्री चंद्रमौली कुमार प्रसाद – अध्यक्ष भारतीय प्रेस परिषद को पत्र लिखकर प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 के संबंध में आपत्ती एवं सुझाव किया।

पत्र में उन्होंने लिखा है के –

आपके कार्यालय द्वारा जारी पत्रांक संख्या 27/01/2020-21 PCI दिनांक 06 जुलाई 2020 के साथ संलग्न प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 के साथ PCI की सचिव श्रीमती अनुपना भटनागर के पत्र का अवलोकन करने का कष्ट करें। उपरोक्त पत्र में आरएनआई द्वारा प्रस्तावित Annexure10 पर राय शुमारी करने के लिए पीसीआई सदस्यों को अग्रसारित किया गया है। पत्र के साथ संलग्न ई-मेल में बताया गया है कि दिनांक 8 जुलाई तक उपराेक्त पर विचार विमर्श कर संयुक्त सचिव को वापस भेज दिया जाए। अन्यथा की दशा में सरकार उक्त पर निर्णय लेकर अग्रिम कार्यवाही करेगी।
महोदय, कोरोना संकट के कारण देश भर में महामारी अधिनियम लागू है। केंद्र और राज्य सरकारों ने कई तरह की पाबंदियां लगा रखी है। ऐसे में प्रस्तावित Annexure10 की प्रति ई-मेल के माध्यम से भेज कर दो दिन में विचार/सहमति प्राप्त करना सरासर अनुचित है। उपरोक्त को लेकर विभिन्न संगठनों, प्रकाशकों और भारतीय प्रेस परिषद के सदस्यों को एक साथ बैठ कर खुले रूप से विचार – विमर्श करने और एक मत होकर निर्णय लिया जाना बेहद जरूरी था। लेकिन केंद्रीय सरकार व पीसीआई ने ऐसा नहीं किया।
इस विषय में आपको अवगत कराना है कि प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1) के तहत मिली प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला करने की नीयत से तैयार किया गया है। इसके अलावा Draft Annexure में THE PRESS AND REGISTRATION OF BOOKS ACT, 1867 की धारा 19(E) और THE REGISTRATION OF NEWSPAPERS (CENTRAL) RULES, 1956 के FORM II की धारा 1 का पूरी तरह उल्लंघन किया जा रहा है। पीआरबी एक्ट 1867 की धारा 19 (ई) भारत के रजिस्ट्रार ऑफ न्यूजपेपर्स (RNI) को यह अधिकार देता है कि वह प्रसार संख्या के संबंध में प्रत्येक वर्ष वार्षिक विवरणी के माध्यम से प्रसार दावे स्वीकार करेंगे। इसके लिए समाचार पत्र के स्वामी/मुद्रक/प्रकाशक द्वारा की गई घोषणा सीए प्रमाण पत्र को पर्याप्त माना जाएगा। THE REGISTRATION OF NEWSPAPERS (CENTRAL) RULES, 1956 की FORM II की धारा 1 में केंद्रीय सरकार ने उस विधि की व्यवस्था प्रदान की है, जिसके तहत वार्षिक विवरणी स्वीकार की जाएगी। इसके अलावा केंद्रीय सरकार की प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 के तहत 45 हजार से अधिक प्रसार संख्या वाले समाचार पत्रों को ABC/RNI प्रसार संख्या का प्रमाणन कराना और प्रमाण पत्र हासिल करना अनिवार्य है।
प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 में पीआरबी एक्ट 1867 की धारा 19 (ई), केंद्रीय नियम 1956 के फोर्म 2 की धारा 1 और केंद्रीय सरकार की प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 की धारा 8, 12, 18 व अन्य के तहत 0 से लेकर 45 हजार तक की प्रसार संख्या वाले प्रकाशनों को प्रसार दावे को प्रसार प्रमाणन से मुक्त रखा गया है।
प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 में प्रसार संख्या के आधार पर प्रकाशनों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 दस हजार से अधिक प्रसार संख्या वाले प्रकाशनों पर लागू किए जाने की मंशा जताई गई है।
प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 की धारा 3. Newsprint Consumption धारा 2. Printing Details पूरी तहत कई कानून, नियम और नीति के विरूद्ध है। पीआरबी एक्ट 1867 की धारा 19 (ई), केंद्रीय नियम 1956 और प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 केंद्रीय सरकार, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, आरएनआई व अन्य किसी भी विभाग इस तरह की विधि बनाकर लागू करने का अधिकार प्राप्त नहीं है और भारतीय संविधान के अनुच्छेद के 19(1) प्रेस की स्वतंत्रता की मंशा के विपरीत है। पीआरबी एक्ट 1867 और केंद्रीय नियम 1956 के तहत वार्षिक विवर्णिका का प्रयोग प्रसार प्रमाण पत्र के रूप में नहीं किया जा सकता है और वार्षिक विवर्णिका को प्रिंट मीडिया विज्ञापन नीति 2016 के तहत मान्यता प्रदान नहीं की जाती है। इस कारण प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 का हम पूरी तरह विरोध करते है। साथ ही केंद्र सरकार, भारतीय प्रेस परिषद और आरएनआई से मांग करते है कि वर्ष 2017-18 या उससे पूर्व के वर्षो में अपनाई गई विधि और प्रारूप के अनुसार वार्षिक विवरणी जमा कराने की व्यवस्था कराई जाए।

अत: आपसे अनुरोध है कि प्रस्तावित Annual Statement Draft Annexure 10 को तत्काल रद्द करते हुए वर्ष 2017-18 या उससे पूर्व के वर्षो में अपनाई गई विधि और प्रारूप के अनुसार वार्षिक विवरणी जमा कराने के आदेश जारी करने का कष्ट करें।

About The lifeline Today

View all posts by The lifeline Today →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *