देश में खुली शराब की दुकाने मगर हरियाणा मैं बंद, जाने क्यों

गुरुग्राम : देश में लॉक डाउन 3. 0 के शुरआत से ही, शराब की दुकानें खुल गईं। मगर हरियाणा राज्य में सोमवार से शराब की दुकानें नहीं खुल पायी। शराब विक्रेताओं का कहना है के, उन्होंने लाइसेंस फीस जमा करने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग यह है के उनसे शराब की बिक्री के हिसाब से लाइसेंस फीस ली जाए क्योंकि लॉकडाउन में उनकी कुछ खास बिक्री नहीं हो पायी है। इसके चलते शराब बेचने वालों और हरियाणा सरकार के बीच टकराव कारण बन रहा है।
हालांकि कुछ एक दुकानें सुबह खुली लेकिन वे भी थोड़ी समय बाद ही बंद कर दी गईं। शराब विक्रेताओं ने कहा कि जब तक उन लोगों की मांग पूरी नहीं होगी वे लोग दुकानें नहीं खोलेंगे ।

शराब विक्रेताओं ने कहा कि जब उन लोगों ने बोली की थी उस समय देश में कोरोना नहीं था। देश के हालत कुछ और थे। आज हालात बदल गए हैं। हमारी शर्तों में भी परिवर्तन किया जाना चाहिए। जो लाइसेंस फीस है उनमें रियाअत होनी चाहिए।

शराब विक्रेताओं ने बताया कि राज्य सरकार ने शराब पर बोतल के हिसाब से कोरोना सेस लगाने का फैसला लिया है। यह सेस प्रति बोतल 2 से 20 रुपये तक है। राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाण सरकार में इस मुद्दे को लेकर बैठक कर रही है। वहीं शराब विक्रेताओं का लाइसेंस फीस वाला मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा।

देश में लॉक डाउन 3. 0 के शुरआत से ही, शराब की दुकानें खुल गईं। मगर हरियाणा राज्य में सोमवार से शराब की दुकानें नहीं खुल पायी। शराब विक्रेताओं का कहना है के, उन्होंने लाइसेंस फीस जमा करने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग यह है के उनसे शराब की बिक्री के हिसाब से लाइसेंस फीस ली जाए क्योंकि लॉकडाउन में उनकी कुछ खास बिक्री नहीं हो पायी है। इसके चलते शराब बेचने वालों और हरियाणा सरकार के बीच टकराव कारण बन रहा है।
हालांकि कुछ एक दुकानें सुबह खुली लेकिन वे भी थोड़ी समय बाद ही बंद कर दी गईं। शराब विक्रेताओं ने कहा कि जब तक उन लोगों की मांग पूरी नहीं होगी वे लोग दुकानें नहीं खोलेंगे ।

शराब विक्रेताओं ने कहा कि जब उन लोगों ने बोली की थी उस समय देश में कोरोना नहीं था। देश के हालत कुछ और थे। आज हालात बदल गए हैं। हमारी शर्तों में भी परिवर्तन किया जाना चाहिए। जो लाइसेंस फीस है उनमें रियाअत होनी चाहिए।

शराब विक्रेताओं ने बताया कि राज्य सरकार ने शराब पर बोतल के हिसाब से कोरोना सेस लगाने का फैसला लिया है। यह सेस प्रति बोतल 2 से 20 रुपये तक है। राज्य के गृहमंत्री अनिल विज ने कहा कि हरियाण सरकार में इस मुद्दे को लेकर बैठक कर रही है। वहीं शराब विक्रेताओं का लाइसेंस फीस वाला मुद्दा भी बैठक में उठाया जाएगा।

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