जानिए रथ सप्तमी का क्या है महत्व ?

रथ सप्तमी, जिसे माघ सप्तमी के रूप में भी जाना जाता है, एक हिंदू त्योहार है हिंदू कैलेंडर के मुताबिक, माघ महीने के 7 वें दिन आता है। माघ महीने का 7 वां दिन सूर्य के जन्म का प्रतीक है और इसलिए इसे सूर्य जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। रथ सप्तमी को सरस्वती पूजा या वसंत पंचमी या बसंत पंचमी के दो दिन बाद मनाया जाता है जो वसंत ऋतु की शुरुआत का प्रतीक है। इस साल रथ सप्तमी का त्यौहार शनिवार 1 फरवरी, 2020 को मनाया जा रहा है। इस त्यौहार को देश भर के सभी हिंदु लोग मनाते हैं।

हिंदू कथा के अनुसार, इस दिन कश्यप ऋषि और अदिति के संयोग से भगवान सूर्य का जन्म हुआ था इसलिए इस दिन को सूर्य की जन्मतिथि भी कहा जाता है। एक अन्य कथा के अनुसार, एक महान राजा जिसके पास अपने राज्य का शासन करने के लिए कोई उत्तराधिकारी नहीं था, उसने भगवान से प्रार्थना की। जिसके बाद भगवान ने उस राजा की प्रार्थनाओं को स्वीकार कर लिया और उन्हें एक पुत्र प्राप्त हुआ। हालांकि, उनके पुत्र के बीमार पड़ने के बाद, एक संत ने राजा को रथ सप्तमी पूजा करने की सलाह दी। राजा द्वारा रथ सप्तमी पूजा करने के बाद, उनके बेटे का स्वास्थ्य ठीक हो गया और उसने अपने राज्य पर अच्छा शासन किया।

ऐसी मान्यता है कि जी व्यकित इस दिन पूजा और उपवास करता है उसे आरोग्य तथा संतान की प्राप्ति होती है। इसलिए इसको आरोग्य सप्तमी और पुत्र सप्तमी भी कहा जाता है। इसी दिन से सूर्य के सातों घोड़े उनके रथ को वहन करना प्रारंभ करते हैं ,इसलिए इसको रथ सप्तमी भी कहते हैं।

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