आइसना प्रदेश अध्यक्ष डी डी मित्तल ने पत्रकारों की समस्याओं को देखते हुई भारतीय प्रेस परिषद् को पत्र लिखा।

देहरादून : अध्यक्ष डी डी मित्तल ने, देशव्यापी समाचार पत्रों/पत्रकारों कि लंबे समय से व्याप्त समस्याओं के शीघ्र निराकरण किए जाने के संबंध में विशेष अनुरोध किया।

उन्होंने कहा के, वह भारतीय प्रेस परिषद् के संज्ञान में लाना चाहते हैं के, आइसना द्वारा आपको समय-समय पर लघु एवं मध्यम वर्ग से संबंधित समाचार पत्रों की समस्याएं आपके संज्ञान में लाई जाती रही है। मसलन सरकार द्वारा जीएसटी का लगाया जाना, प्रिंट मीडिया पॉलिसी 2016 में वर्णित अंको पर आधारित विज्ञापन नीति को लगाकर अनायास रूप से लघु एवं मध्यम समाचार पत्रों का विज्ञापन ना देकर गला घोटना हो अथवा पत्रकारों की अभिव्यक्ति की आज़ादी हो या पत्रकारों पर होने वाले निरंतर हमले।

उन्होंने यह भी कहा के, महोदय समाचार पत्रों के प्रकाशक/ पत्रकार अभी इन झटकों से उबर भी नहीं पाए थे, कि इस बेदर्दी सरकार द्वारा संशोधित प्रिंट मीडिया 2020 नीति को बिना प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के मंतव्य जाने अथवा किसी मीडिया के वर्ग वर्ग बात किए बिना सो किया जो कि एक कुठाराघात है।

यह कहा की, महोदय भारतीय प्रेस परिषद देश की एकमात्र संवैधानिक संस्था है जो प्रेस की आजादी एवं अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा के साथ-साथ पत्रकारों के हितों की देखभाल के लिए है, किंतु विगत समय से हितों की रक्षा नहीं हो पा रही है, इससे संविधान के चौथे स्तंभ में हताशा का भाव आ रहा है। अतः हमारी आपसे सदक प्रार्थना है, कि परिषद के सभी सदस्यों की बैठक बुलाकर त्वरित कार्यवाही करने की कृपा करें।

 

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