भारतीय रेलवे ने की 1 जून से चलने वाली ट्रेनों की लिस्ट जारी

रेलवे ने ट्रेन की लिस्ट जारी की। इन गाड़ियों में एसी और नॉन एसी कोच होंगे। जनरल कोच में बैठने के लिए भी रिजर्वेशन लेना होगा। यानी ट्रेन में कोई अनरिजर्व्ड कोच नहीं होगा। इन गाड़ियों में सीटों के लिए ऑनलाइन बुकिंग 21 मई यानी गुरुवार सुबह 10 बजे से आईआरसीटीसी की वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर शुरू हो गई है। रिजर्वेशन काउंटर से कोई टिकट बुक नहीं होगा। इनके लिए एडवांस रिजर्वेशन पीरियड 30 दिन होगा, आरएसी और वेटिंग लिस्ट के नियम पहले की तरह होंगे।

रेलवे ने गाइडलाइन जारी की गई है। इन ट्रेनों में यात्रा करते समय मास्क अनिवार्य होगा, साथ ही स्टेशन पर डेढ़ घंटे पहले पहुंचना होगा। रेलवे के मुताबिक यह ट्रेन 1 से 30 जून तक ही चलाई जाएगी। इन ट्रेनों में एसी, स्लीपर और जनरल कोच होंगे।
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रेलवे के नए नियम के मुताबिक सिर्फ पूरी तरह से स्वस्थ यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति दी जा रही है। इसके लिए स्टेशन पर ही हर यात्री की स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है।

रेलवे के मुताबिक सिर्फ कन्फर्म टिकट वाले यात्रियों को ही रेलवे स्टेशन में एंट्री की इजाजत होगी। रेलवे के मुताबिक स्क्रीनिंग के बाद ही यात्री को ट्रेवल करने की इजाजत दी जाएगी।

टिकट पर दिव्‍यांग यात्रियों को मिलने वाली चार तरह की छूट और अलग-अलग कैटेगरीज में मिलने वाली 11 तरह की रियायतें दी जा रही हैं। बाकी कोई रियायत टिकट पर उपलब्‍ध नहीं होगी।
रेलवे ने जिन 200 ट्रेनों के संचालन को हरी झंडी दिखाई है उनमें 17 जन शताब्‍दी, पांच दूरंतो और लोकप्रिय मेल/एक्‍सप्रेस जैसी ट्रेनें भीं हैं। रेलवे के मुताबिक इन ट्रेनों के सफर के साथ ही स्‍टेशन पर फूड स्‍टॉल और कैंटीन सेवा भी शुरू कर दी जाएगी।

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, 1 जून से चलने वालीं ट्रेनों का किराया सामान्य ही होगा, लेकिन जनरल कोच में सीट बुक करने के लिए भी स्लीपर का किराया देना होगा। रेलवे ने कहा है कि सभी यात्रियों को सीट मिलेगी यानी कोई वेटिंग नहीं होगी। कोई भी यात्री वेटिंग टिकट पर यात्रा नहीं कर पाएगा। किसी भी तरह से अनारक्षित टिकट नहीं मिलेगा और न ही तत्काल टिकट की कोई व्यवस्था है। फिलहाल श्रमिक ट्रेनें और स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रहीं है।

रेलवे ने 1 जून से नई ट्रेनों की शुरुआत से पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ चर्चा की। इससे पहले मंगलवार को रेल मंत्री पीयूष गोयल ने 1 जून से 200 नॉन एसी ट्रेनें चलाने की बात कही थी। 1 मई से प्रवासी मजदूरों के लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनें और 12 मई से राजधानी रूट पर 15 स्पेशल ट्रेनों की शुरुआत की गई थी।

देशभर में रेलवे की 12 हजार यात्री ट्रेनें जनता कर्फ्यू के दिन यानी 22 मार्च से ही बंद कर दी गई थीं। इसके अलावा रेलवे ने पिछले दिनों 30 जून तक के लिए बुक हुए सभी टिकट कैंसल कर यात्रियों को रिफंड भी दे दिया था। इसका मतलब है कि ट्रेनों का परिचालन सामान्य होने में अभी वक्त लगेगा।

भारत सरकार की तरफ से ग्रामीण और दूर-दराज के वे इलाके जहां कम्‍प्‍यूटर और इंटरनेट नहीं था, ई-सुविधाएं पहुंचाने के लिए कॉमन सर्विस सेंटर्स की स्‍थापना की गई। इन सेंटर्स के जरिए पब्लिक यूटिलिटी, सोशल वेलफेयर, हेल्‍थकेयर, फायनेंशियल, एजुकेशन, एग्रीकल्‍चर स्‍कीम्‍स की डिलीवरी की जाती है। प्‍लान ये है कि देश की लगभग ढाई लाख ग्राम पंचायतों में से हर एक में कम से कम एक CSC जरूर हो। इस वक्‍त देश में करीब 1.7 लाख CSC हैं। रेलवे के इस कदम से अभी उन लोगों को फायदा होगा जो इंटरनेट का इस्‍तेमाल नहीं जानते मगर रेल यात्रा करना चाहते हैं।

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