देहरादून के आढ़त बाजार में सामान लोडिंग-अनलोडिंग का समय तय, पूरी खबर पढ़ें

देहरादून। आढ़त बाजार में थोक कारोबारियों के यहां उमड़ रही खरीदारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लोडिंग-अनलोडिंग का समय निर्धारित कर दिया है। बुधवार को एसपी सिटी श्वेता चौबे की मौजूदगी में आढ़त बाजार क्षेत्र के व्यापारियों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

दरअसल, इन दिनों लॉकडाउन में छूट का दायरा बढऩे के बाद से सुबह से ही आढ़त बाजार में भीड़ उमड़ रही है। इसमें शारीरिक दूरी के नियमों की धज्जियां तो उड़ ही रहीं हैं, जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो जा रही है। पुलिस के इस कदम से आढ़त बाजार में भीड़ पर नियंत्रण लगने की उम्मीद है।

पुलिस का निर्देश हनुमान चौक, रामलीला बाजार, झंडा बाजार, अखाड़ा बाजार, सब्जी मंडी (मोती बाजार), पीपल मंडी, राजा रोड, बाबूगंज, दर्शनी गेट क्षेत्र में लागू होगा। बैठक में आढ़त बाजार एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद गोयल, महामंत्री विनोद गोयल, दर्शनी गेट व्यापार संघ के अध्यक्ष दीपक गुप्ता, हनुमान चौक व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता, जनरल मरचेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक अग्रवाल व व्यापारी नेता विशाल गुप्ता व अन्य मौजूद रहे।

आढ़त बाजार क्षेत्र में लोडिंग व अनलोडिंग वाहनों तथा आने-जाने के लिए वनवे व्यवस्था रहेगी।
सभी क्षेत्रों में लोडिंग व अनलोडिंग का कार्य सुबह सात बजे से साढ़े नौ बजे तक तथा दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक ही होगा।
क्षेत्र में सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक चार पहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। साइकिल, रिक्शा, दुपहिया वाहन व तिपहिया वाहन के प्रवेश पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
जिलाधिकारी के आदेश के अनुपालन में प्रतिदिन अपने प्रतिष्ठान खोलने वाले व्यापारी वाले हरे रंग का बैनर, सोमवार, बुधवार व शुक्रवार को अपने प्रतिष्ठान खोलने वाले व्यापारी नारंगी रंग का बैनर, मंगलवार, बृहस्पतिवार व शनिवार को अपने प्रतिष्ठान खोलने वाले व्यापारी लाल रंग का बैनर (जिस पर प्रतिष्ठान खोले जाने के दिन अंकित रहेंगे) लगाएंगे।
शारीरिक दूरी के नियम का कड़ाई के साथ पालन करना होगा।
व्यापारी व आने वालों को मास्क लगाना होगा। सेनिटाइजर भी रखना अनिवार्य होगा।
व्यापारी अपने प्रतिष्ठान पर सिंगल लेन में ही वाहन लोड व अनलोड करा सकेंगे।

चार मई से दून में सभी तरह के कार्यालय खोलने की अनुमति दे दी गई है। हालांकि, यह छूट सिर्फ शासकीय कार्यों के लिए है और जनता के लिए अभी कार्यालय आने की अनुमति नहीं है। इसके बाद भी न सिर्फ लोग कलेक्ट्रेट पहुंच रहे थे, बल्कि विभिन्न कार्यों को लेकर अधिकारियों से मिलने की गुजारिश की जा रही थी।

गंभीर यह कि शारीरिक दूरी के नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा था। इस स्थिति को देखते हुए बुधवार से कलेक्ट्रेट के मुख्य परिसर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने के लिए दो मुख्य गेट हैं, इन दोनों पर ताला जड़ दिया गया है। सिर्फ कार्मिकों व आवश्यक सेवा से संबंधित लोगों को आने-जाने की सशर्त अनुमति है। इसके अलावा कचहरी वाले हिस्से को जोड़ने वाले मार्ग पर बल्लियां लगा दी गई हैं।

दरअसल, कलेक्ट्रेट ई-पास को लेकर भी लोगों की भीड़ बढ़ रही थी, जबकि पास संबंधी कार्यों के लिए उपजिलाधिकारी सदर व सिटी मजिस्ट्रेट को अधिकृत किया गया है। अब भी इन कार्यालयों में एसपी ट्रैफिक कार्यालय वाली रोड से प्रवेश किया जा सकता है। इसके अलावा कचहरी परिसर का कोषागार की तरफ वाला पिछला गेट भी खुला है। सिर्फ कलेक्ट्रेट के ही मुख्य परिसर को बंद किया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं कि लॉकडाउन की इस अवधि में ई-कलेक्ट्रेट की दिशा में काम तेज कर दिया जाएगा। इस अवधि में सभी कार्यालय अपनी फाइलों, काम का ब्योरा अपडेट कर उन्हें डिजिटल फॉर्मेट में लगा सकते हैं। ई-कलेक्ट्रेट के अनुरूप जिला प्रशासन ने कंप्यूटरों की खरीद की कार्रवाई भी शुरू कर दी है।

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