वित्तीय साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक, देहरादून कार्यालय द्वारा वित्तीय साक्षरता सप्ताह का उद्घाटन

देहरादून– हर वर्ष  वित्तीय साक्षरता के प्रति देश भर में जागरूकता बढ़ाने हेतु भारतीय रिज़र्व बैंक, वित्तीय साक्षरता सप्ताह का आयोजन करता है। इसी के तहत इस वर्ष, “सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSMEs)” की थीम के साथ 10 से 14 फरवरी, 2020 तक  वित्तीय साक्षरता सप्ताह मनाया जा रहा है।  इस दौरान एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों के बीच जागरूकता और औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के तहत मिलने वाले लाभों के बारे में जानकारियो का प्रचार प्रसार किया जाएगा। इस विषय पर पर दिनांक 10 फरवरी, 2020 को देहरादून में आयोजित वित्तीय साक्षरता सप्ताह के उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, देहरादून, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, बैंकिंग लोकपाल, भारतीय रिज़र्व बैंक, देहरादून, प्रमुख बैंकों के नियंत्रक, एसएलबीसी, सिडबी, खादी और ग्रामोद्योग आयोग आदि के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान श्री राजेश कुमार, क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय रिज़र्व बैंक, देहरादून ने अपने भाषण में, रोजगार सृजन, नई पद्धति, निर्यात, समावेशी विकास व आर्थिक विकास के योगदान के संदर्भ में MSMEs द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही उन्होने यह भी बताया की वित्तीय उत्पादों और सेवाओं, बैंकिंग प्रक्रियाओं और जोखिम-प्रतिफल ढांचा की बुनियादी समझ की कमी, एमएसएमई इकाइयों की प्रगति में एक बाधा है। उन्होंने भारतीय रिज़र्व बैंक और भारत सरकार द्वारा इस क्षेत्र की क्रमिक वृद्धि के लिए नीतिगत पहलों के बारे में भी प्रतिभागियों को संक्षेप में जानकारी दी। श्री राजेश कुमार ने बैंकों के नियंत्रक प्रमुखों से आग्रह किया कि वे अपनी शाखाओं के माध्यम से सप्ताह के दौरान वित्तीय उत्तरदायित्व और उद्यमों की औपचारिकरण से होने वाके फ़ायदों के बारे में उद्यमियों को जागरूक करे और एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह में बाधा उत्पन्न करने वाले मुद्दों के समाधान के लिए भी पहल करे।

वित्तीय साक्षरता सप्ताह के दौरान प्रचारित संदेश, एमएसएमई क्षेत्र का औपचारिकरण, ऋणों के समय पर पुनर्भुगतान के लाभ,TREDS प्लैटफ़ार्म के माध्यम से एमएसएमई के विलंबित भुगतान की समस्या का समाधान करना तथा जमानत मुक्त ऋण पर केंद्रित हैं। मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड ने बैंकिंग समुदाय से औपचारिक बैंकिंग प्रणाली में एमएसएमई उद्यमियों को लाने पर ध्यान केंद्रित करने, इस क्षेत्र से संबंधित योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करने और स्थायी विकास के लिए कृषि और एमएसएमई क्षेत्रों को जोड़ने पर काम करने की अपील की। बैंकिंग लोकपाल, भारतीय रिज़र्व बैंक, देहरादून ने बैंकों को इस क्षेत्र में उद्यमियों द्वारा सामना किए जा रहे आम मुद्दों पर गौर करने और निर्धारित समयसीमा के भीतर इन मुद्दों को हल करने की सलाह दी।

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