सामने आए कोविड-19 के कारण हुई मौत के तथ्य, मुख्यमंत्री ने कहा- जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं

देहरादून : राज्य में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार प्रतिदिन तेज होती जा रही है। राज्य में रोज कोरोना संक्रमण के बड़ी संख्या में नए केस आने का सिलसिला जारी है। अब राज्य में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 48 हजार के करीब पहुंच गई है।
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक पोस्ट शेयर करते हुए राज्यवासियों को कोरोना के खतरे से अगाह करते हुए अपील की है कि जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। सतर्क रहें, सावधान रहें।

प्रदेश के सम्मानित नागरिकों से विनम्र अपील।

प्रदेश में अब तक कोविड-19 संक्रमण के कारण हुई मृत्यु के बारे में निम्न तथ्य सामने आये हैं।

● अधिकतर मृत्यु उन नागरिकों की हुई है जिनकी आयु 50 साल से अधिक थी।
● अधिकतर मृत्यु उन नागरिकों की हुई है, जो पहले से कुछ अन्य लम्बी बीमारियों जैसे मधुमेह, रक्तचाप, कैंसर इत्यादि बीमारियों से ग्रसित थे।
● अधिकतर मृत्यु उन नागरिकों की हुई है जो कि कोविड के लक्षणों से ग्रसित थे परन्तु ना ही उन्होंने अपना टेस्ट करवाया और ना ही चिकित्सक से राय
ली। ऐसे रोगियों की अचानक तबीयत बिगड़ने से रोग बेकाबू हो रहा है तथा चिकित्सा प्रभावहीन हो जाती है।
● अधिकतर मृत्यु उन नागरिकों की हुई है जो कि कोविड के लक्षणों के होते हुए भी चुपचाप अशिक्षित झोला छाप चिकित्सक कहलाने वाले व्यक्तियों से अपना उपचार करा रहे थे। ऐसे रोगियों की अचानक तबियत बिगड़ने से रोग बेकाबू हो जा रहा है तथा चिकित्सा प्रभावहीन हो जाती है।
● कुछ गर्भवती महिलायें जिनमें कोविड के लक्षण होने के बाद भी समय पर चिकित्सालय उपचार हेतु नहीं जा रही हैं।
● कुछ कोविड रोगी जिन्हें कोई भी लक्षण नहीं है तथा वह बताये गये तरीके से दवाओं का सेवन नहीं कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में कभी भी बीमारी भयानक रूप ले लेती है तथा चिकित्सा प्रभावहीन हो जाती है।

अतः उक्त कारणों को ध्यान में रखते हुए आपसे अनुरोध है कि कृपया-

◆ 50 साल की उम्र से अधिक व्यक्ति खासकर जब वह पहले से मधुमेह, रक्तचाप, कैंसर या अन्य बीमारियों से ग्रसित हैं, अपने उपचार पर        विशेष ध्यान दें। ऐसे व्यक्ति घर से बाहर ना निकलें तथा अति आवश्यक होने पर ही कोविड से बचाव के समस्त उपायों को अपनाकर ही         बाहर निकलें।
◆ कोविड के लक्षण महसूस होते ही तुरन्त चिकित्सालय में ‘‘फ्लू क्लीनिक’’ में अपनी जाँच अवश्य करवायें तथा आवश्यक होने पर घर के            अन्य सदस्यों की भी जाँच करवायें। कृपया झोला छाप व्यक्तियों से सावधान रहें।
◆ कोविड के लक्षण महसूस होते ही गर्भवती महिलायें तुरन्त ही चिकित्सालय में अपनी जाँच करवायें।
◆ वह कोविड रोगी जिन्हें कोई भी लक्षण नहीं है, उन्हें सलाह दी जाती है कि ऐसी स्थिति में उपचार आवश्यक है अतः चिकित्सक द्वारा बताये गये तरीके से दवाओं का सेवन करें।

मुख्यमंत्री ने आखिर में कहा- हर जान मूल्यवान है। कृपया सरकार का सहयोग कर कोविड रोग द्वारा मृत्यु पर रोक लगाने में अपनी भागीदारी करें। जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं। सतर्क रहें, सावधान रहें।

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