उत्तराखंड में घरेलू से लेकर उद्योगों तक को मिलने वाली बिजली चार फीसदी तक कर दी गई सस्ती

देहरादून– कोरोना संकट के इस दौर में उत्तराखंड के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश में घरेलू से लेकर उद्योगों तक को मिलने वाली बिजली चार फीसदी तक सस्ती कर दी गई है। उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग ने शनिवार को वर्ष 2020-21 के लिए नए टैरिफ की घोषणा की। यह टैरिफ एक अप्रैल से लागू माना जाएगा।

उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने वर्ष 2020-21 के लिए 7598 करोड़ रुपये के राजस्व की आवश्यकता बताते हुए टैरिफ दरों में पौने आठ फीसदी की बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव आयोग के समक्ष दिया गया था। इस पर आयोग ने बीते छह मार्च को जनसुनवाई की थी, जिसमें सभी की ओर से विद्युत टैरिफ दरों में कमी की बात कही गई थी। आयोग ने जन सुनवाई और यूपीसीएल के खर्चों में 641 करोड़ की कमी करते हुए विद्युत टैरिफ को बढ़ाने के बजाय कम कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 18 पैसे तक की राहत दी गई है। हालांकि फिक्स चार्जेज में पांच से तीस रुपये की बढ़ोत्तरी भी की गई है।

बीपीएल और हिमाच्छादित क्षेत्र के उपभोक्ताओं के टैरिफ को 1.83 पैसे से घटाकर 1.61 पैसे प्रति यूनिट कर दी गई है। प्रतिमाह 600 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले गोशाला, गोसदन और लघु डेयरी पर अब घरेलू विद्युत दरें लागू होंगी। अधिक पर अघरेलू श्रेणी के तहत दरों का भुगतान करना होगा। पहले यह सीमा 200 यूनिट प्रतिमाह थी।

किसानों को भी आयोग ने राहत देते हुए निजी नलकूपों को मिलने वाली बिजली की दरों में करीब चार फीसदी तक क कटौती की है। किसानों को अब 2.13 रुपये प्रति यूनिट के बजाय 2.04 रुपये की दर से भुगतान करना होगा। वहीं, लघु और बड़े उद्योगों को प्रति यूनिट 23 पैसे की राहत दी गई है।

श्रेणी, वर्तमान दर, नई दर (रुपये में)

 

घरेलू, 4.62, 4.44

अघरेलू, 6.73, 6.38

सरकारी विभाग, 6.21, 5.83

निजी नलकूप, 2.13, 2.04

लघु उद्योग, 6.26, 6.03

बड़े उद्योग, 6.29, 6.06

मिक्स लोड, 5.84, 5.64

रेलवे, 6.30, 5.93

 

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