CBSE की बोर्ड परीक्षा रद्द, नोटिफिकेशन कल

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 और कक्षा 10 की बची परीक्षाओं के आयोजन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CBSE ने 1 से 15 जुलाई को होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस ए.एम. खानविल्कर की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही थी। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मामले के बाद आईसीएसई बोर्ड परीक्षा की सुनवाई शुरु हुई, जिसे कल सुबह 10.30 बजे तक के लिए टाल दिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के मामले के बाद आईसीएसई बोर्ड परीक्षा की सुनवाई शुरु हुई, जिसे कल सुबह 10.30 बजे तक के लिए टाल दिया गया है। अब कल सुबह होने वाली सुनवाई में न सिर्फ आईसीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के मामले में सुनवाई पूरी होगी, बल्कि सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाओं के बारे में भी बोर्ड के अंतिम निर्णय की औपचारिक रूप से घोषणा की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की सुनवाई समाप्त हो गयी है और अब ICSE मामले की सुनवाई हो रही है। हालांकि, आईसीएसई बोर्ड की तरफ से कहा गया कि वे सीबीएसई की तरह 12वीं के पेपर बाद में आयोजित करने के पक्ष में नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड की 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं की सुनवाई समाप्त हो गयी है और अब ICSE मामले की सुनवाई हो रही है। बोर्ड की पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि CBSE ने 1 से 15 जुलाई को होने वाली 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला किया है।

हालांकि, सीबीएसई बोर्ड की तरफ से कहा गया कि 12वीं के लिए बची परीक्षाओं का आयोजन कोविड-19 की स्थिति नियंत्रित होने के बाद उन छात्रों के लिए किया जा सकता है जो इंटर्नल एसेसमेंट के अंकों के आधार पर मिले अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे और 12वीं के बचे पेपर देने के विकल्प का चुनाव करेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड की तरफ से कहा गया कि परीक्षाओॆ को कैंसिल किया जा सकता है और 10वीं एवं 12वीं के रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित किये जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई के दौरान सीबीएसई बोर्ड की तरफ से कहा गया कि परीक्षाओॆ को कैंसिल किया जा सकता है और 10वीं एवं 12वीं के रिजल्ट 15 जुलाई तक घोषित किये जा सकते हैं।

सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई में मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सीबीएसई बोर्ड का पक्ष रख रहे एसजी ने कहा कि परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है और परीक्षा का विकल्प भी छात्रों को दिया जा सकता है।एस.जी. तुषार मेहता सुप्रीम कोर्ट में हो रही सुनवाई में मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सीबीएसई बोर्ड का पक्ष रख रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 और कक्षा 10 की बची परीक्षाओं के आयोजन को लेकर दायर याचिका पर की सुनवाई मामले की सुनवाई जस्टिस ए.एम. खानविल्कर की अध्यक्षता वाली बेंच कर रही है। जिसमें केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं सीबीएसई बोर्ड का पक्ष एस.जी. तुषार मेहता रख रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट में सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 और कक्षा 10 की बची परीक्षाओं के आयोजन को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई शुरु हो गयी है। माना जा रहा है सीबीएसई बोर्ड द्वारा 10वीं के पेपर कैंसिल करने और 12वीं के छात्रों के पेपर स्थगित करने का विकल्प दिया जा सकता है।

अब से 15 मिनट के बाद स्थिति स्पष्ट हो जाएगी की सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 12 और कक्षा 10 की बची परीक्षाओं को आयोजित किया जाएगा या नहीं। इस बारे में बोर्ड द्वारा सुप्रीम कोर्ट में अपने विकल्पों को रखा जा सकता है।

माना जा रहा है को सीबीएसई बोर्ड द्वारा 10वीं के पेपर कैंसिल किये जा सकते हैं और छात्रों को प्री बोर्ड या इंटर्नल एसेसमेंट से अंक दिये जा सकते हैं। जबकि 12वीं के छात्रों के पेपर स्थगित करते हुए प्री बोर्ड या इंटर्नल एसेसमेंट से अंक दिये जा सकते हैं लेकिन छात्रों के लिए पेपर बाद में आयोजित हो सकते हैं।

ठीक आधे घंटे के बाद स्थित साफ हो जाएगी कि सीबीएसई बोर्ड की कक्षा 10 और कक्षा 12 की बची परीक्षाओं को आयोजित किये जाएंगे या नहीं। यदि परीक्षाओं को स्थगित या रद्द किया जाता है तो प्राप्त जानकारी के अनुसार बोर्ड वैकल्पिक रास्तों से छात्रों को अंक दे सकता है।

इसके लिए बोर्ड या तो प्री-बोर्ड के नंबरों के आधार पर बोर्ड के बचे पेपरों के लिए मार्क्स दे सकता है या इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर। स्पष्ट तौर पर दो बजे शुरु होने वाली सुनवाई में पता चलेगा।

आज सुप्रीम कोर्ट में आज दोपहर 2 बजे की सुनवाई के बाद फैसला हो जाएगा कि सीबीएसई बोर्ड की बची परीक्षाओं आयोजित होंगी या नहीं। इस बीच विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कक्षा 12 के बचे पेपरों के स्थगित किया जा सकता है और इन्हें बाद ने आयोजित किया जा सकता है। वहीं, 10वीं के पेपर रद्द किये जा सकते हैं और इंटरर्नल एसेसमेंट से मार्क्स दिये जा सकते हैं।

उच्चतम न्यायालय में आज यदि बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किये जाने के आदेश होता हो तो सीबीएसई द्वारा बचे पेपरों के लिए इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर अंक दिये जा सकते हैं। जैसा कि बोर्ड ने हाल में रद्द किये गये पेपरों के लिए आदेश दिया था। जिसके अनुसार बचे 40 पेपरों की बजाय केवल 29 विषयों के लिए पेपर आयोजित करने का फैसला किया गया था और शेष के लिए इंटर्नल मार्किंग से नंबर दिये जाने थे।

इस स्थिति में बचे पेपरों के लिए छात्रों को पहले आयोजित किये जा चुके टेस्ट और होम एग्जाम के अनुसार अंक दिये जाएंगे। यदि किसी छात्र को अपने अंक कम लगेंगे तो उन्हें बाद में परीक्षा में सम्मिलित होने का अवसर दिया जाएगा।

दो दिन पहले 23 जून को उच्चतम न्यायालय में हुई बोर्ड परीक्षाओं के मामले की सुनवाई के बाद सीबीएसई एवं एचआरडी मंत्रालय द्वारा अधिक समय की मांग किये जाने के बाद न्यायालय ने आज 25 जून को दो बजे अगली सुनवाई की तरीख निश्चित की थी। दोपहर 2 बजे की सुनवाई के बाद उम्मीद की जा सकती है कि सीबीएसई बोर्ड कक्षा 12 और कक्षा 10 की परीक्षाओं के आयोजन पर संशय समाप्त हो पाएगा।

उच्चतम न्यायालय में सीबीएसई की देश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कक्षा 12 की और उत्तर-पूर्वी दिल्ली के केंद्रों पर कक्षा 10 की बची बची परीक्षाओं के तय आयोजन के विरूद्ध कुछ पैरेंट्स द्वारा याचिका दायर की गयी थी।

इसी याचिका की सुनवाई 23 जून को की गयी थी, जिसमें केंद्र और सीबीएसई बोर्ड का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्चतम न्यायालय से और समय की माग की। इसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने इस केस की सुनवाई 25 जून तक टाल दी थी।

सीबीएसई बोर्ड 12वीं और 10वीं की बची परीक्षाओं के लिए आयोजन की तिथियां 1 जुलाई से 15 जुलाई निर्धारित की गयी हैं। लेकिन कोविड-19 महामारी के लगातार बढ़ते मामलों के मद्देनजर तमाम छात्रों और पैरेंट्स ने केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय से परीक्षाओं को स्थगित या रद्द करने की मांग की है।

इस क्रम में एचआरडी मंत्रालय के सूत्रों के प्राप्त जानकारी के अनुसार परीक्षाओं को टाले जाने को लेकर तैयारी पूरी कर ली गयी है और संभावना जताई जा रही है कि या तो बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित किया जा सकता है, या फिर कॉलेज एडमिशन प्रॉसेस को देखते हुए इंटर्नल एसेसमेंट के आधार पर मार्क्स दिये जा सकते हैं। इस स्थिति में परीक्षाओं का आयोजन बाद में भी किया जा सकता है।

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