दुनिया का आठवां अजूबा बना स्टैचू ऑफ़ यूनिटी, हर रोज आते हैं देश-विदेश के 15 से 20 हजार पर्यटक

आठ देशों के अंतरराष्ट्रीय संगठन ‘शंघाई सहयोग संगठन’ (SCO) ने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को एससीओ के आठ अजूबो में शामिल किया है। एससीओ के आठ सदस्यों में भारत, पाकिस्तान, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, तजाकिस्तान, रूस और उज्बेकिस्तान शामिल हैं।

दुनिया भर की सात अजूबों में भारत का ताजमहल शामिल है। अब शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन ने स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को विश्व के आठवें अजूबे में शामिल कर लिया है। महज सवा साल में ही स्टेच्यू ऑफ यूनिटी पर 31.09 लाख पर्यटकों ने मुलाकात ली है। जिससे स्टेच्यू ऑफ यूनिटी को कुल 79.94 करोड़ रुपए की आवक हुई है। 

वहीं हजारों लोगों को इससे रोजगार मिलने लगा है जो अपने आप बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि पूरे देश में इस स्टैचू पर हुए खर्चे पर भी विपक्षियों सहित कई लोगों ने ऐतराज जताया था। हालांकि वही लोग अब इसे आठवां अजूबा मानने के लिए भी तैयार नहीं होंगे। अगर साधारण शब्दों में कहा जाए तो यही कहेंगे कि स्टैचू ऑफ़ यूनिटी भारत का गौरव बन चूका है और इस स्टैचू को बनाने का जो लोग विरोध कर रहे थे उन्हें भी उनके सवालों का जवाब मिल गया है।

आपको जानकर आश्चर्य होगा कि प्रतिदिन पर्यटकों की संख्या के मामले में अमेरिका के स्टैचू ऑफ़ लिबर्टी से ज्यादा स्टैचू ऑफ़ यूनिटी के पर्यटकों की है, स्टैचू ऑफ़ लिबर्टी में हर रोज 10 हजार पर्यटक पहुँचते हैं जबकि स्टैचू ऑफ़ यूनिटी के पर्यटकों की संख्या औसतन 15000 से अधिक है और यह लगातार बढ़ती जा रही है। जानकारों की माने तो आने वाले समय में यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा ।

स्टैचू ऑफ़ यूनिटी ग्रह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर प्रतिमा है यह दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा है, गुजरात में केवडिया कालोनी में नमर्दा नदी पर सरदार सरोवर बांध के करीब इसे बनाया गया है प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को इसका अनावरण किया था।

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