शासन ने उत्तराखंड में कोरोना से निपटने के लिए 50 से अधिक लोगों के एकत्र होने पर लगी रोक

देहरादून– उत्तराखंड में कोरोना से निपटने के लिए सामाजिक, राजनीतिक और अन्य गतिविधियों में 50 और उससे अधिक लोगों के इकठा होने पर रोक लगा दी गई है। शासन ने आपात स्थिति में सेवानिवृत्त स्वास्थ्य कर्मियों की भी सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इसके लिए सेवानिवृत्त चिकित्सकों व कर्मियों को चिह्नित करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इसके अलावा मेडिकल, नर्सिंग और पेरामेडिकल कॉलेज के विद्यार्थियों को भी आपात स्थिति से निपटने के लिए प्रशिक्षित करने का निर्णय लिया गया है।

सचिवालय में मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में राज्य कार्यकारी समिति (एसईसी) की बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि आपात स्थिति में जितने भी कार्मिकों की सेवाएं ली जाएंगे उन्हें इससे निपटने के लिए प्रशिक्षित और जागरूक किया जाएगा। इस दौरान आइसोलेशन और क्वारंटाइन के लिए प्रोटोकॉल निर्धारित करने, जिलों के साथ लगातार वीडियो कांफ्रेंसिंग करने, मास्क, सेनिटाइजर और अन्य जरूरी उपकरणों की निर्बाध सप्लाई की व्यवस्था सुनिश्चित करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में सचिव आपदा प्रबंधन अमित नेगी ने कोराना वायरस के मद्देनजर एसडीआरएफ द्वारा जारी फंड से की जाने वाली खरीद के संबंध में जानकारी दी। उन्होने बताया कि इससे थर्मल स्केनर, वेंटिलेटर और एयर प्यूरीफायर आदि की खरीद की जा सकेगी। सचिव स्वास्थ्य नितेश झा ने कोरोना संक्रमण के रोकथाम और इससे निपटने के लिए विभाग द्वारा उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। सचिव आवास शैलेश बगोली ने सार्वजनिक स्थानों में साफ-सफाई की व्यवस्था के संबंध में उठाए जा रहे कदमों की जानकारी दी। बैठक में मुख्य सचिव ने सभी विभागों को तैयारियों को पुख्ता करने के साथ ही स्वच्छता पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए।

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