
गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में 27 अक्टूबर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र से पहले राष्ट्रीय राजमार्ग पर चल रहे सड़क मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सड़क पर किए जा रहे पेचवर्क को लेकर स्थानीय लोग और व्यापारी पहले से ही नाराजगी जता रहे थे। इसी बीच बीती रात सड़क पर एक बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिसमें दो युवक घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, बाइक दुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद व्यापारियों और स्थानीय लोगों ने घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण पहुंचाया, जहां उनका उपचार किया गया।
एक युवक को आठ टांके, श्रीनगर रेफर
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गैरसैंण के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अर्जुन रावत ने बताया कि हादसे में घायल दो युवकों को अस्पताल लाया गया था। इनमें 35 वर्षीय जयदीप की आंख के ऊपर चोट आई है, जिस पर आठ टांके लगाए गए। उन्हें सीटी स्कैन के लिए श्रीनगर रेफर किया गया है। वहीं, दूसरे घायल सूरज सिंह के नाक और पैर में चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति के अनुसार आगे की चिकित्सा की गई।
व्यापारियों ने पेचवर्क की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
स्थानीय व्यापारियों और लोगों का आरोप है कि सड़क पर चल रहे पेचवर्क में निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। व्यापारी विनोद पंवार ने कहा कि सड़क पर मरम्मत के बाद रोड रोलर से पर्याप्त दबाव नहीं दिया गया, जिससे सड़क की सतह ठीक नहीं बन पा रही है। इससे दोपहिया वाहन चालकों को आवाजाही में परेशानी होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि विधानसभा सत्र नजदीक होने के कारण निर्माण कार्य जल्दबाजी में कराया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस दौरान गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
विभाग ने हादसे को पेचवर्क से जोड़ने से किया इनकार
राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधिशासी अभियंता ओंकार पांडेय ने सड़क निर्माण में लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि सड़क का काम सही तरीके से किया जा रहा है और हादसे में घायल युवक पेचवर्क के कारण नहीं गिरे हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी को कोई समस्या है तो वह संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकता है।
जांच और कार्रवाई की मांग
बाइक हादसे के बाद स्थानीय व्यापारियों और लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग और प्रशासन से सड़क निर्माण कार्य की तत्काल जांच कराने, पेचवर्क की गुणवत्ता की समीक्षा करने और निर्धारित मानकों के अनुसार काम सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी उठाई है।
विधानसभा सत्र से पहले सड़क की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे इन सवालों के बीच अब निर्माण कार्य की गुणवत्ता और विभागीय निगरानी पर सबकी नजरें टिकी हैं।






